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The Josephine Porter Institute

मंदिर कथा (फ्रीमेसनरी और संबंधित गुप्त आंदोलन) रुडोल्फ स्टीनर द्वारा

मंदिर कथा (फ्रीमेसनरी और संबंधित गुप्त आंदोलन) रुडोल्फ स्टीनर द्वारा

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विवरण

अपने गूढ़ विद्यापीठ (1904-14) के सदस्यों को दिए गए इन अनूठे व्याख्यानों में, रुडोल्फ स्टाइनर मिथकों, गाथाओं और किंवदंतियों की चित्रात्मक भाषा की छिपी हुई अंतर्वस्तु पर प्रकाश डालते हैं। वे बताते हैं कि चित्र ही सभी वस्तुओं का वास्तविक मूल हैं—आदिम आध्यात्मिक कारण। प्राचीन काल में, लोग मिथकों और किंवदंतियों के माध्यम से इन चित्रों को आत्मसात करते थे। हालाँकि, आज चित्रों या प्रतीकों के साथ स्वस्थ तरीके से काम करने के लिए, पहले उनके गूढ़ सार से परिचित होना—उन्हें समझना—आवश्यक है।

इन व्याख्यानों के समय, स्टाइनर गूढ़ विद्यापीठ के दूसरे खंड का उद्घाटन करने की योजना बना रहे थे, जो सीधे तौर पर उनके आध्यात्मिक शोध पर आधारित कर्मकांड और प्रतीकवाद के नवीनीकरण से संबंधित था। उन्होंने ये व्याख्यान कर्मकांड परंपराओं के इतिहास और स्वरूप को स्पष्ट करने के लिए एक आवश्यक तैयारी के रूप में दिए। इस प्रकार, उन्होंने मुख्य रूप से फ्रीमेसनरी और उसकी पृष्ठभूमि पर चर्चा की, लेकिन साथ ही रोज़ीक्रूसियन, मनिचिज़्म, ड्र्यूड्स, प्रोमेथियस सागा, द लॉस्ट टेम्पल, कैन एंड एबल, और भी बहुत कुछ पर चर्चा की।

व्याख्यानों की यह श्रृंखला स्टीनर द्वारा प्रयुक्त गूढ़ भाषा के बारे में वास्तविक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है, विशेष रूप से उनके शिक्षण के प्रारंभिक वर्षों के दौरान।

यह पुस्तक जर्मन खंड, डाई टेम्पेलेगेंडे अंड डाई गोल्डेन लीजेंडे का अनुवाद है ।

Frequently Asked Questions

What is the central purpose of The Temple Legend?

Rudolf Steiner illuminates the esoteric content of myths, sagas, and legends and uses that work to prepare readers to understand the history and nature of ritual traditions.

Which traditions and stories does The Temple Legend explore?

The lectures focus on Freemasonry and also discuss Rosicrucianism, Manicheism, the Druids, the Prometheus saga, the Lost Temple, and the story of Cain and Abel.

How does Steiner understand pictures and symbols in these lectures?

Steiner presents pictures as expressions of primeval spiritual causes and holds that understanding their esoteric essence makes conscious work with symbols possible.

What material is collected in this edition?

The book contains twenty lectures and talks given in Berlin from October 7, 1904, through June 5, 1905, collected as CW 93 and translated from Die Tempellegende und die Goldene Legende.